कैंसर से बचाव

प्राथमिक बचावः-

1  धूम्रपान या किसी भी तम्बाकू उत्पाद का उपयोग न करें और शराब भी न पियें।

2  अच्छा और संतुलित आहार खायें।

3. अपनी लत छोड़ने की एक खास तारीख तय कर लें और इसे हर किसी को बतायें।

4. कोई शौक पाल लें जिससे आपके हाथों के साथ आप भी व्यस्त रहें। पेन्टिंग या फोटोग्राफी या अन्य किसी कार्य द्वारा अपनी कला को खोजे और पहेलियां सुलझाने में व्यस्त रह सकते हैं।

5. इस दौरान शारीरिक गतिविधि पर ज्यादा जोर दें। साइकिलिंग, बास्केटबॉल, तैराकी, टेनिस, जॉगिंग या आपका कोई ऐसा मनपसन्द खेल जिसे आप छोड़ चुके हैं उसे फिर अपना ले। जरूरत पड़ने पर मन की शान्ति पहुँचाने हेतु चीनी रहित च्विंगम चबायें। फल और कच्ची सब्जियों का सेवन भी शुरू कर दें।

6. अपनी दिनचर्या बदल दें, काम करने का एक अलग रास्ता अपनायें,

7. सिगरेट की महक से बचने के लिए सभी कपड़ों को अच्छी तरह धुल लें।

8. जब भी धम्रपान की इच्छा हो तुरन्त आंखे बन्द कर लम्बी-लम्बी सांसे लें।

9. पानी या अन्य पसंदीदा तरल पेय पदार्थ का सेवन करें।

10. कहीं दीवार पर या ऐसी जगह जहां से आप रोज गुजरते हैं वहाँ सिगरेट छोड़ने की वजह लिखकर चिपका दें जैसे कि अपने स्वास्थ्य सुधार के लिए या बच्चों के सामने उदाहरण पेश करने के लिए रोज उनका कारणों को पढ़े और अमल करें।

11. ऐसा हल्का फुल्का भोजन लें जो धूम्रपान छोड़ने में आपकी मदद कर सके।

12. किसी व्यक्ति, संगठन या काउंसलर का सहारा लें।

13. सिगरेट रहित रेस्टोरेन्ट या दुकानों में ही जायें।

12. सिगरेट ही नहीं बल्कि माचिस, लाइटर और ऐश ट्रे को भी फेंख दें।

14. सिगरेट पीने को उकसाने वाले समय पर व्यस्त रहने का प्रयास करें। ऐसे स्थान पर भी एक-दो सप्ताह तक न जायें जहाँ आपका मन धूम्रपान के लिए प्रेरित होता हैं।

15. जिस पैसे को आप सिगरेट पर खर्च करते हैं उसे बचाकर किसी खास के लिए उपहार खरीदें।

16. मुंह का जायका सुधारने के लिए दिन में दो तीन बार ब्रश करें माउथवास का इस्तेमाल लाभकारी होगा।

17. सोचिए कि आपके घर वाले बच्चे और मित्र आपकी सिगरेट छोड़ देने से एक स्वस्थ वातावरण में सांस ले रहे हैं।

18. सिगरेट छोड़ने के तत्काल फायदों पर गौर करें।

19. ऐसी किसी शख्स को अधिकांश समय अपने सम्पर्क में रखे जो आपका मनोबल बढ़ाता रहे।

20. धूम्रपान छोड़ने से पहले इस लत के विरूद्ध बेहद आक्रामक रूख अख्तियार करें।

21. शारीरिक व्यायाम, योग, प्राणायाम, को अपने जीवन चर्चा, का अभिन्न अंग बनाए |

22. नियमित रूप से सुबह शाम ब्रश करे तथा यदि जरूरत हो तो डेंटल फ्लॉस एवं इंटरडेंटल ब्रश का उपयोग करे |

द्वितीय बचाव

1.  महीने में कम से कम एक बार आत्म परीक्षण अवश्य करें|

    पानी से कुल्ला करे और पर्याप्त रोशनी में दर्पण के सामने खड़े हो जायें|
    नीचे का होंठ नीचे खींचकर ध्यान से जाँचे |
    उसी  प्रकार ऊपर के होठ की जांच करे |
    दोनो होठो को बीच में से दाएं और बाये  खींचकर भीतर का हिस्सा देखें |
    जीभ बाहर निकाल कर दाये और बाये  घुमाकर और जीभ को ऊपर उठाकर भी देखे

2.  दन्त चिकित्सक को कम से कम 6 महीने में अवश्य दिखाये।

    मुंह में होने वाली बीमारियाँ जैसे कि ओएसएमएक यूपलेकिया और एरिथ्रोप्लेकिया   एवम अन्य कोई भी घाव, छाला, गाँठ  यदि मुँह  में है तो इसका इलाज अवश्य कराए एवं इस बात की भी सावधानी रखे की इलाज के बाद पुनः ये बीमारी  ना हो|
    पेट का भी पूरा ध्यान रखे | पेट के स्वस्थ न होने से भी स्वास्थ्य खराब होता है |
    दन्त चिकित्सक को कम से कम 6 महीने में दिखाकर  अपने मुँह  के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग अवश्य कराऐ |

तृतीय बचावः-

कैंसर के इलाज के बाद फिर से मुँह में कैंसर ना हो इसके लिए जरूरी है कि मरीज की विभिन्न जरूरतों जैसे कि मुँह सूखने, दाँत इत्यादि से रगड तथा पुनः अक्तरित  होने वाले  कैंसर की  समय से पकड हो सके. इसके लिए नियमित रूप से अपने डॉक्टर को दिखते रहें  तथा अपने खाने-पीने का भी विशेष ध्यान रखे |

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