सोचिए

नशा न होता तो क्या होगा हमारे पास ?

  • निरोगी काया

  • धन की बचत

  • परिवार में प्रेम व शान्ति

  • श्रम देवता के साधक

  • दुर्घटनाओं से असमय मौत कमी

  • दुराचारों की समाप्ति

  • चुस्ती-फुर्ती एवं निरालस्य

  • स्मार्ट एवं मुस्कराते चेहरे

  • समाज में सम्मान, स्वाभिमान

  • सुरक्षित सामाजिक वातावरण

  • खुशहाल जिन्दगी

शराबः शोध के अनुसार शराब व मदिरा का सभी रूप में सेवन मुख कैंसर का मुख्य कारण माना गया हैं। शराब के साथ तम्बाकू (धूम्रपान) का सेवन करने से कैंसर होने की सम्भावना कई गुना बढ़ जाती हैं। ऐसा माना जाता हैं। कि दोनों का हानिकारक प्रभाव जुड़कर असर करता हैं। अर्थात इनका अलग-अलग जितना असर होता हैं दोनों का इस्तेमाल करने पर असर चार गुना हो जाता हैं।

अन्तः कारकः

बढ़ती उम्रः मुख कैंसर का उम्र से सम्बन्ध यह भी दर्शाता है कि कहीं न कहीं यह बीमारी लम्बे समय तक कारक के रहने के कारण होती हैं। आयु बढ़ने के साथ शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है जिसकी वजह से कैंसर होने की सम्भावना बढ़ जाती हैं।

आनुवांशिकीः वांशिकी बदलाव को भी बढ़ती उम्र के साथ मुख कैंसर में अहम भूमिका निभाने का कारण माना गया हैं। ऐसा माना गया है कि जीन्स में होने वाली अप्रत्याशित बदलाव के कारण कोशिकाओं का विभाजन अनियंत्रित हो जाता है जिससे ट्यूमर बन जाता है।

भौतिक, रासायनिक, हॉर्मोन तथा दाँत द्वारा लगातार रगड़ होने के कारण भी कोशिकाओं में बदलाव देखने को मिला हैं।

अंग प्रत्यारोपणः ऐसे मरीजों में लम्बी अवधि तक देख-रेख के दौरान ऐसा पाया गया हैं। कि उनमें भी प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और कैंसर होने की सम्भावना बढ़ जाती हैं।

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