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Oral cancer

कैंसर एक भयावह बीमारी है | कैंसर का इतिहास सदियों पुराना है |
कैंसर क्या होता है ?
शरीर में कोशिकाओं के समूह की अनियंत्रित व्रद्धि के कैंसर कहते है | जब ये कोशिकाएँ
टिश्यू को प्रभावित करती है तो कैंसर शरीर के अन्य हिस्यों में भी फैल सकता है |
मुख कैंसर -
मुख एवं मुख गुहा मानव शरीर का अत्यंत महत्वपूर्ण अंक है जिसकी बीमारी की स्थिति में सम्पुट शरीर का प्रतिकूल प्रभाव होता है |
भारत में केशर रोगियों में से ५६% पुरुषो और ४४% महिलाओ को कैंसर तम्बाकू के करद होता है |
मुख कैंसर के करद -
१. बढ़ती उम्र - ९५ प्रतिशत से ज्यादा मुख कैंसर के मरीज ४० वर्ष की दहलीज पर कर चुके होते है | आयु बढ़ने के साथ शरीर की प्रतिरोथक क्षमता काम होती जाती है जिसकी वजय से कैंसर की सम्भावना बात जाती है |
२. अनुवांशिक - जींस में होने वाले अप्रत्याशित बदलाव के कारण कोशिकाओं का विभाजन अनियंत्रित हो जाता है |
३. ) अंग प्रत्यारोपढ
४. अन्य - भौतिक, रासायिनक, हार्मोन्स, वायरस इत्यादि |
१. तम्बाकू - मुख कैंसर का मुख्य कारक तम्बाकू सेवन दो प्रकार से हो सकता है - धुआँ रहित / धुआ युक्त | धुआयुक्त तम्बाकू का सेवन अत्याथीक हानिकारक होता है | मुख कैंसर के आथे से ज्यादा प्रभावित लोग तम्बाकू का सेवन बीड़ी एवं सिगरेट के रूप में करते हैं| धुआँ रहित तम्बाकू जैसे खैनी, सुर्ती आदि भी बेहद खतरनाक है एवं मुख कैंसर के प्रमुख कारक हैं|

२. हुक्का
३. पान/ सुपारी - तम्बाखू युक्त पान का सेवन अति हानिकारक होता है | सुपारी में एरोकोलिन जैसे रसायन होते हैं जो गाल, होठ, जीभ इत्यादि पर प्रतिकूल असर डालते है |

४. गुटखा
५. शराब - शराब के साथ तम्बाकू का सेवन करने से कैंसर होने की सम्भावना कई गुना ज्यादा हो जाती है | ऐसा पाया गया है की दोनों का हानिकारक प्रभाव जुड़कर असर करता है |
लक्षण -
तम्बाखू सेवन मुख व् गले के कैंसर का मुख्य कारण हैं| मुख के भीतर कोई गाँठ, घाव या व्रण बन जाना, मुख के भीतरी किसी स्थान पर कोई सफ़ेद चिन्ह बन जाना, मुँख खोलने में कठिनाई , दुर्गंध, बोलने व निगलने में कठिनाई का अनुभव होना आदि लक्षण होते हैं|

कैंसर पूर्व अवस्था के महतवपूर्ण प्रकार
ल्यूकोप्लेकिया - सामान्यतः सफेद दाग के रूप में पाया जाता है | ज्यादातर यह गाल के भीतरी सतह पर देखने को मिलता है परन्तु यह मुखगुहा में कहीं भी हो सकता है |

ओरल - सब न्यूक्स फ्रिब्रोसिन्स -
ज्यादातर दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में पायी जाती है | सुपारी मूल कारक है |
लक्षण - शुरुआती डोरसदड़्सs ा जलन, तालू पर दाने होने | मुँख न खुलना |
परीक्षण - गाल को छूने पर रेशेदार हिस्सों में दर्द का एह्सास होने | कुछ समय बाद खाना निगलने में दिक्कत, फूँक मारने में दिक्कत |
१. स्वः परीक्षण मुख का - गाल, होंठ, जीभ, तालु कैंसर पूर्व अवस्था को स्वः परिषद्तःसफ करके आसानी से पहचाने जा सकता है | तम्बाकू का सेवन करने वाले को कम से कम प्रत्येक सप्ताह में एक बार शीशे के सामने खड़े होकर मुख का परीक्षण स्वयं करना चाहिए | गाल, होंठ, जीभ, मुह की निचली सतह एवं तालू का परीक्षण करना चाहिए |

2. दन्त चिकित्सक के पास मुख जाँच प्रत्येक छः माह

चिकित्सा पूर्व जाँच - हिस्टोपेथोलॉजी / बायोप्सी एक्स-रे / सी0 टी0 स्कैन
१. शल्य चिकित्सा

२. रेडियोथेरेपी रेडियोथेरेपी को शल्य चिकित्सा अथवा रसायन चिकित्स के साथ एवं कैंसर में राहत पहुँचने के उद्देश्य से दिया जाता है |

३. कीमोथेरेपी
इम्थूनोथैरेपी
ये थेरेपी शरीर की प्रतिरोधिक क्षमता (T cell, NK cell) को कैंसर से लड़ने लायक बनाती है |

केंसर से बचाव हेतु जागरूकता
-
मुख केंसर के आधे से ज्यादा प्रभावित लोग तम्बाकू का सेवन करते है | तम्बाकू एवं सम्बन्धित उत्पादों में कैंसर के विभिन्न कारक रासायनिक रूप में होते हैं जिनमे प्रमुख रूप से निकोटीन है !
सरकार ने समय-समय पर कैंसर से बचने हेतु तम्बाकू इत्यादि का सेवन करने वालो को विभिन तरीको से चेतावनी दी है | सिगरेट के पैकेट से लेकर गुटखों तक पर चेतावनी अंकित होती है |
आवश्यकता है हर व्यक्ति को अपने स्तर पर पहल करने की और आगे आकर इस सामाजिक बुराई को दूर हटाने की |
 

PREVENTION OF ORAL CAVITY AND OROPHARYNGEAL CANCERS

The risk of developing oral cavity and oropharyngeal cancer can be greatly reduced by avoiding certain risk factors.
The most significant risk factors for these cancers, are tobacco and alcohol. The best way to reduce the risk of getting these cancers is by not starting to smoke. Quitting tobacco greatly lowers one’s risk of developing these cancers, even after many years of use. The same stands true for heavy drinking. If u drink at all, try to limit the use of alcohol.
Risk of infection with the human papilloma virus (HPV) of the mouth and throat is increased in those who have multiple sex partners. In smokers such infections are more common, which may be due to damage caused by smoke to their immune system or the cells that line the oral cavity. These infections are common and rarely cause symptoms. Even though HPV infection is linked to oropharyngeal cancer, most people with HPV infections of the mouth and throat do not go on to develop this cancer. In addition, many oral and oropharyngeal cancers are not related to HPV infection.
One of the significant and avoidable risk factor is Ultraviolet radiation for cancer of the lips, as well as for skin cancer. If possible, one should limit the time spent outdoors during the middle of the day, when the sun’s UV rays are strongest. Out in the sun, wear a wide brimmed hat and use sunscreen and lip balm with a sun protection factor (SPF) of at least 15.
A diet poor in dietary supplements has been linked to oral cavity and oropharyngeal cancers. In general, eating a healthy diet is much better than adding vitamin supplements to an otherwise unhealthy diet. The American Cancer Society recommends eating a healthy diet that put emphasis on plant foods. This includes eating at least 2½ cups of vegetables and fruits every day. Choosing whole-grain breads, pastas, and cereals instead of refined grains, and eating fish, poultry, or beans instead of processed meat and red meat may also help lower your risk of cancer.
One should avoid sources of oral irritation (such as dentures that don’t fit properly). They may also lower one’s risk for oral cancer.
Areas of precancerous lesions like leukoplakia or erythroplakia in the mouth sometimes progress to cancer. Doctors often remove these areas, especially if a biopsy shows they contain areas of dysplasia (abnormal growth). But removing areas of precancerous lesions does not always prevent someone from getting oral cavity cancer. Studies have found that even when these areas are completely removed, people with certain types of precancerous lesions still have a higher chance of developing a cancer in some other area of their mouth. Due to which it becomes important for patients who have had these areas removed to continue having checkups to look for cancer and for new areas of precancerous lesions.

CHEMOPREVENTION

Doctors have been testing medicines to try to help lower the risk of these cancers. This approach, is called chemoprevention. A number of drugs have been studied for oropharyngeal cancer chemoprevention, but most of the research has focused on drugs related to vitamin A (retinoids). Studies so far have shown that retinoids can cause some areas of precancerous lesion to shrink or even go away temporarily. But these studies have not found a long-term benefit in preventing cancer or helping patients live longer. At the same time, most of these drugs have worrisome side effects.

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